एकादशी - 22 अक्टूबर 2026, पारण समय 6:29 am to 9:57 am तथा 05 नवंबर 2026,पारण समय 6:39 am to 10:00 am
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चैतन्य
Divine Avatar

स्वयं भगवान
श्रीचैतन्य महाप्रभु

भगवान् श्रीचैतन्य महाप्रभु श्री श्रीराधा कृष्ण के संयुक्त अवतार है एवं श्री गौड़ीय सम्प्रदाय के प्रवर्तक है जो कि भगवती भागीरथी के पुनीत तट पर पश्चिम बंगाल के श्री नवद्वीप धाम में विक्रमी सम्वत् 1542 सन् 1486 ई. में फाल्गुनी पूर्णिमा के दिन प्रकट हुए हैं।

दिव्य स्वरूप

ब्रजेन्द्रनंदन श्रीकृष्ण ही श्रीमती राधिका के भाव और कांति को अंगीकार कर श्री चैतन्य महाप्रभु के रूप में प्रकट हुए है।

भविष्यवाणी

पृथिवीते आछे यत नगरादि ग्राम।
सर्वत्र प्रचार हइबे मोर नाम ।।

श्री चैतन्य महाप्रभु की भविष्यवाणी है कि शीघ्र ही पृथ्वी के नगर-नगर, ग्राम-ग्राम में उनका प्रचार होगा।

महत्वपूर्ण जानकारी

  • •श्री श्रीराधा कृष्ण के संयुक्त अवतार
  • •श्री गौड़ीय सम्प्रदाय के प्रवर्तक
  • •आविर्भावः विक्रमी सम्वत् 1542, सन् 1486 ई.
  • •स्थानः श्री नवद्वीप धाम, पश्चिम बंगाल
  • •तिथिः फाल्गुनी पूर्णिमा

स्वयं भगवान श्रीचैतन्य महाप्रभु

GBPS Trust, Vrindavan